मंगलवार, 4 अक्तूबर 2011

कितना तन्हा

कितना तन्हा,
वो लग रहा है,
बड़ा उदास,
वो लग रहा है,

जानती हूँ उसे,
देखता है,
खिड़की से,
रोज़ वो मुझे,

शायद कोई,
बात हो,
क्या पता,
क्या बात हो,

जा नहीं सकती,
उसके पास,
उससे कुछ,
कह नहीं सकती,

लड़की हूँ न,
जमाना देखता है,
कुछ हो न,
रोटियाँ सकता है,

.

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